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ईसाई धर्म सामान्य ज्ञान साथ में पीडीऍफ़ फाइल

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वैष्णव धर्म सामान्य ज्ञान PDF File Vaishnav Dharm

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ईसाई धर्म सामान्य ज्ञान

1. ईसाई धर्म एक इब्राहीमी एकेश्वरवादी धर्म है, जिसके अनुयायी ईसाई कहलाते हैं। ईसाई धर्म के अनुयायी ईसा मसीह (संस्थापक) की शिक्षा पर चलते हैं।
2. ईसाइयों में बहुत से समुदाय (जाति) हैं जैसे कैथोलिक, प्रोटैस्टैंट, आर्थोडोक्स, एवानजिलक आदि।
3. ईसाई धर्म के अनुसार जीव हत्या, अनावश्यक हरे पेड़ों की कटाई ,किसी को व्यर्थ आघात पहुँचाना, व्यर्थ जल बहाना, आदि पाप है।
4. बाईबल ईसाई का प्रमुख धर्म धर्मग्रंथ है। बाईबल को दो भाग में बेटा गया है। 1. ओल्ड टेस्टामेंट 2. न्यू टेस्टामेंट हैं।
5. ईसाई ईश्वर को त्रीएक के रूप में समझते हैं – परमपिता परमेश्वर, उनके पुत्र ईसा मसीह (यीशु मसीह) और पवित्र आत्मा।
6. ईसा मसीह का जन्म जेरुशेलम के निकट बैथलेम नामक स्थान पर 6 ई० पू० में हुआ था। ईसा के जन्म दिवस को क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है ।
7. ईसा मसीह के पिता का नाम जोजेफ़ और उनकी माता का नाम मेरी थी।
8. ईसा मसीह के माता और पिता यहूदी थे। उनके पिता जोजेफ़ एक बढ़ई थे।
9. ईसा मसीह के जन्म के समय यहूदी लोग रोमन साम्राज्य के अधीन थे और उससे मुक्ति के लिए व्याकुल थे। उसी समय जॉन द बैप्टिस्ट नामक एक संत ने ज़ोर्डन घाटी में भविष्यवाणी की थी कि यहूदियों की मुक्ति के लिए ईश्वर शीघ्र ही एक मसीहा भेजने वाला है।
10. बचपन में ईसा मसीह के शरीर में शक्तियों का संचार हुआ और उनके स्पर्श से अंधों को दृष्टि, गूंगों को वाणी तथा मृतकों को जीवन मिलने लगा।
11. ईसा मसीह को 33 ई० में सलीब (क्रॉस) पर लटका कर मृत्युदंड की सज़ा दी गई थी, रोमन गवर्नर पोंटियस के द्वारा। ईसाई मानते हैं कि मृत्यु के तीसरे दिन ही ईसा मसीह पुनः जीवित हो उठे थे। ईसाई धर्म का सबसे पवित्र चिन्ह क्रॉस है।
12. ईसा मसीह के शिष्यों ने उनके द्वारा बताये गये मार्ग अर्थात् ईसाई धर्म का फ़िलीस्तीन में सर्वप्रथम प्रचार किया, जहाँ से वह रोम और फिर सारे यूरोप में फैला।
13. ईसाई धर्म का फ़िलीस्तीन में सर्वप्रथम प्रचार किया, जहाँ से वह रोम और फिर सारे यूरोप में फैला।
14. ईसाई लोग ईश्वर को ‘पिता’ और मसीह को ‘ईश्वर पुत्र’ मानते हैं। ईश्वर, ईश्वर पुत्र ईसा मसीह और पवित्र आत्मा ये तीनों ईसाई त्रयंक माने जाते हैं।
15. बाइबिल ग्रन्थ ई० पू० 9वीं शताब्दी से लेकर ईस्वी प्रथम शताब्दी के बीच लिखे गये 73 लेख शृंखलाओं का संकलन है, जिनमें से 46 ओल्ड टेस्टामेंट में और 27 न्यू टेस्टामेंट में संकलित हैं।
16. ओल्ड टेस्टामेंट में यहूदियों के इतिहास और विश्वासों का वर्णन है, वहीं न्यू टेस्टामेंट में ईसा मसीह के उपदेशों एवं जीवन का विवरण है।
17. रोमन कैथोलिक रोम के पोप को सर्वोच्च धर्मगुरु मानते हैं।
18. ईसा मसीह के प्रमुख शिष्यों में से एक संत टामस ने प्रथम शताब्दी ईस्वी में भारत में मद्रास के पास आकर ईसाई धर्म का प्रचार किया था।
19. 16वीं सदी में पुर्तग़ालियों के साथ आये रोमन कैथोलिक धर्म प्रचारकों के माध्यम से उनका सम्पर्क पोप के कैथोलिक चर्च से हुआ। लेकिन भारत के कुछ इसाईयों ने पोप की सत्ता को अस्वीकृत करके ‘जेकोबाइट’ चर्च की स्थापना की।
20. केरल में कैथोलिक चर्च से सम्बन्धित तीन शाखाएँ दिखाई देती है- सीरियन मलाबारी, सीरियन मालाकारी और लैटिन।

ईसाई धर्मावलम्बी प्रार्थनाओं तथा बप्तिस्मा एवं अन्य अनुष्ठानों के अवसर पर निम्न आस्था सूत्र का स्मरण करते हैं—मैं आकाश तथा पृथ्वी एवं सभी गोचर-अगोचर वस्तुओं के सृजक एकमात्र महाशक्तिमान पिता प्रभु तथा उनके पुत्र ईसा मसीह में विश्वास करता हूँ।




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