घरेलू हिंसा का शिकार हो रहें हैं बच्चे देखें इस रिपोर्ट में

घरेलू हिंसा का शिकार हो रहें हैं बच्चे देखें इस रिपोर्ट में

घरों में होती पिटाई, घरों में दिया जाने वाला शारीरिक दंड, हिंसा का सबसे आम रूप है, इस घरेलू हिंसा से दुनिया में 14 साल तक की उम्र वाले करीब 1.3 अरब बच्चे प्रभावित हैंl 13-15 साल की आयु वर्ग के तकरीबन 13.8 करोड़ बच्चे दादागिरी, गुंडागर्दी के शिकार बनते हैं तो वहीं 12.3 करोड़ बच्चे स्कूलों में होनेवाली लड़ाइयों में हिंसा का शिकार होते हैंl

तीन साल के अध्ययन के बाद तैयार की गयी इस रिपोर्ट मुताबिक 15 से 19 साल के आयु वर्ग में आने वाली दुनिया की 1.8 करोड़ लड़कियां यौन शोषण का शिकार होती हैंl रिपोर्ट के मुताबिक यौन हिंसा की दर सबसे अधिक अफ्रीका में नजर आती हैl यहां 15-19 साल की उम्र वाली तकरीबन 10 फीसदी लड़कियां अपने जीवन में कभी न कभी यौन हिंसा का शिकार होती हैंl इस अध्ययन में हिंसा को समाज की परंपराओं से जुड़ा कहा गया हैl रिपोर्ट मुताबिक कई समाजों में पत्नियों और बच्चों की पिटाई को अनुशासन बनाये रखने के लिए जरूरी समझा जाता हैl

साल 2015 में दुनिया के कई देशों ने वैश्विक लक्ष्यों को तय करते हुए साल 2030 तक दुनिया भर में बच्चों के खिलाफ हो रही हिंसा को खत्म करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जतायी थीl साल 2014 की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि बचपन की हिंसा भविष्य में उत्पादकता को तकरीबन 70 खरब डॉलर का नुकसान पहुंचाती हैl गरीब परिवारों के बच्चे तनाव में जीते हैं और उनके साथ हिंसा सबसे अधिक होती हैl स्टडी मुताबिक बच्चों में होने वाली हिंसा उन देशों में कम है जहां बाल जीवन दर अपने उच्च स्तर पर है और अधिक लड़कियां स्कूल जाती हैं. रिपोर्ट में बलात्कार, मानव तस्करी में हिंसा का शिकार बनते बच्चों को शामिल नहीं किया गया हैl

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