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त्रिपुरा सामान्य ज्ञान Tripura GK In Hindi

त्रिपुरा सामान्य ज्ञान

नमस्कार दोस्तों, Shital RCS GYAN के इस ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज के इस आर्टिकल में त्रिपुरा सामान्य ज्ञान के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य बताने जा रहा हूँ l यह त्रिपुरा के सभी कम्पटीशन एग्जाम के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। UPSC, PCS, SSC, RAILWAY और सभी अन्य कम्पटीशन एग्जाम के लिए इम्पोर्टेन्ट माईने रखता है। दोस्तों आप हमारे वेबसाइट से जुड़े रहें ताकि मैं आप के लिए और भी स्टडी मटेरियल, सामान्य ज्ञान, प्रीपरेशन टिप्स का जानकारी लाता रहूं।

इसका पीडीऍफ़ फाइल डाउनलोड करने के लिए नीचे जाएँ…



त्रिपुरा सामान्य ज्ञान

गठन – 21 जनवरी 1972
राजधानी – अगरतला
सबसे बड़ा शहर – अगरतला
उच्च न्यायालय – त्रिपुरा उच्च न्यायालय
राजकीय भाषा – बंगाली, ककबरक, अंग्रेज़ी
क्षेत्रफल – 10,492 किमी
जनसंख्या – 36,73,917
साक्षरता दर – 73.2%
छेत्रफल घनत्व – 350/किमी
पूर्व जिलों की संख्या – 4
वर्तमान जिलों की संख्या – 8
राजकीय पशु – लीफ मंकी (फेरीजपर्ण वानर)
राजकीय पक्षी – ग्रीन इम्पीरियल पिजन (कबूतर)
राजकीय बृक्ष – अगार
राजकीय फूल – इंडियन रोज चेस्ट्नेट
विधान सभा सीटो की संख्या – 60
राज्य सभा सीटो की संख्या – 1
लोक सभा सीटो की संख्या – 2
डाक सूचक संख्या – 799
वाहन अक्षर – TR




त्रिपुरा सामान्य ज्ञान Tripura GK In Hindi

1. त्रिपुरा दक्षिण एशिया के पूर्वोत्तर भाग में स्थित है। इसके उत्तर, पश्चिम और दक्षिण में बांग्लादेश स्थित है जबकि पूर्व में असम और मिजोरम स्थित हैं।
2. वर्ष 1956 में राज्यों के पुर्नगठन के बाद यह केंद्र शासित प्रदेश बना तथा वर्ष 1972 में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गय।
3. यह गोवा तथा सिक्किम के बाद भारत का तीसरा सबसे छोटा राज्य है। देश के बाक़ी हिस्से से अलग-थलग रहने, पहाड़ी भूभाग व जनजातीय आबादी के आरण त्रिपुरा में भी भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्रों की समस्याएँ मौजूद हैं।
4. त्रिपुरा का प्रमुख कृषि उत्पादन चावल, गेहूॅ, पटसन, गन्ना, मेस्ता, आलू,तिलहन आदि है।
5. त्रिपुरा के प्रमुख पर्यटक स्थल में नीरमहल, कुंजवान, जगन्नाथ मंदिर, उनाकोटी की रक् मूर्ति, त्रिपुरेश्वर मंदिर प्रमुख है।
6. त्रिपुरा में पहले केवल 4 जिले थे – धलाई जिला, पश्चिम त्रिपुरा जिला, उत्तर त्रिपुरा जिला, दक्षिण त्रिपुरा जिला बाद में इनसे निकालकर 4 और जिले बनाये गये। इस प्रकार त्रिपुरा में अब कुल 8 जिले हैं।
7. त्रिपुरा में हिन्दुओं की संख्या लगभग 84 प्रतिशत है। दुर्गापूजा यहा का प्रमुख त्यौहार है। बांग्ला यहाँ की प्रमुख भाषा है।
8. त्रिपुरा राज्य की कृषि योग्य भूमि लगभग 29.29 प्रतिशत है। त्रिपुरा राज्य का भौगोलिक क्षेत्र 10,49,169 हेक्टेयर है। अनुमान है कि 2,80,000 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है
9. इसके इतिहास को त्रिपुरा नरेश के बारे में ‘राजमाला’ गाथाओं तथा मुसलमान इतिहासकारों के वर्णनों से जाना जा सकता है। महाभारत और पुराणों में भी त्रिपुरा का उल्लेख मिलता है। राजमाला के अनुसार त्रिपुरा के शासकों को ‘फा’ उपनाम से पुकारा जाता था जिसका अर्थ ‘पिता’ होता है।
10. शुरू में यह भाग-सी के अंतर्गत आने वाला राज्य था और 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के बाद यह केंद्रशासित प्रदेश बना। 1972 में इसने पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त किया।
11. त्रिपुरा का आधे से अधिक भाग जंगलों से घिरा है, जो प्रकृति-प्रेमी पर्यटकों को आकर्षित करता ह।
12. त्रिपुरा की जलवायु कम गर्म तथा आर्द्र होती है। त्रिपुरा राज्य की जलवायु आदर्श बारिश के लिए अनुकूल हैं। जून से सितंबर तक रहने वाले मॉनसून के मौसम में 2,000 मिमी से अधिक वर्षा होती है। निचले इलाक़ों में ग्रीष्म ऋतु में अधिकतम औसत तापमान 35° से. होता है, हालांकि पहाड़ों में मौसम ठंडा होता है।
13. त्रिपुरा में विभिन्न प्रकार की सड़कों की कुल लंबाई 1,997 कि.मी. है, जिसमें से मुख्य ज़िला सड़कें 90 कि.मी., अन्य ज़िला सड़कें 1,218 कि.मी. और प्रांतीय राजमार्ग 689 कि.मी हैं।
14. अगरतला से 25 किलोमीटर की दूरी पर सेपाहीजाला वन्यजीव अभयारण्य है, इसमें लगभग 150 प्रजातियों के पक्षी और चश्मे के जैसे निशान वाले विख्यात बंदर पाए जाते हैं।
15. प्रदेश में लगभग 4,287 विद्यालय हैं, जिनमें से 2,378 जूनियर बेसिक, 1,139 के लगभग सीनियर बेसिक, 459 उच्च और 311 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राज्य सरकार और एडीसी प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे हैं। सभी श्रेणियों के 34,985 से अधिक शिक्षक राज्य सरकार द्वारा संचालित इस शिक्षा संजाल को चलायमान रखने में लगे हैं।

त्रिपुरा की नई विद्युत परियोजनाएं
1. बारामुरा 1 x 21 मेगावॉट जीटी परियोजना, एन.ई.सी. के अंतर्गत पश्चिम त्रिपुरा एन.ई.सी., कार्यकारी एजेंसी: टी.एस.ई.सी.एल.।
2. पालटाना, उदयपुर, ओ.टी.पी.सी. विद्युत परियोजना (740 मेगावॉट), दक्षिण त्रिपुरा। त्रिपुरा का हिस्सा 200 मेगावॉट है। 2011-12 में शुरू होने की संभावना है।
3. मोनारचक जी.टी. परियोजना (104 मेगावॉट) : कार्यकारी एजेंसी : नीपको, 2010- में शुरू हो जाने की संभावना है।





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