बाल अधिकारों में इन देशों का हालात ख़राब रिपोर्ट

बाल अधिकारों में इन देशों का हालात ख़राब रिपोर्ट

इस इंडेक्स के मुताबिक दुनिया भर में जातीय, धार्मिक या भाषाई अल्पसंख्यक बच्चों के साथ भेदभाव किया जाता हैl लेखकों के मुताबिक उनकी प्राथमिकता इस तथ्य पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना हैl अध्ययन के मुताबिक इस तरह का भेदभाव मध्य पूर्व और उसके आस-पास के क्षेत्रों के अलावा उत्तरी अफ्रीका के क्षेत्रों में अधिक नजर आता हैl

यूरोप-टॉप 8, बाल अधिकारों के सकारात्मक रुझान सबसे अधिक यूरोप में नजर आते हैंl 165 देशों की कुल सूची के टॉप 10 में आठ स्थान पर यूरोपीय देश शामिल हैंl

बेहतरीन देश की सूची में पहला स्थान मिला है पुर्तगाल को, दूसरे पर नॉर्वे और फिर स्विजरलैंड, आइसलैंड, स्पेन, फ्रांस और स्वीडन हैl इसके बाद थाइलैंड और ट्यूनीशिया और दसवें स्थान पर है फिनलैंडl

पिछड़े देश की सूची में दूसरी ओर, चाड, सीरिया लियोन, अफगानिस्तान और मध्य अफ्रीकन गणराज्य हैं, इनका स्थान 165 देशों की सूची में सबसे नीचे हैl

रैंकिंग मानदंड:- ये रैंकिंग पांच मानदंडों पर आधारित है: जीवन का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, और हर देश के ऐसे प्रयास जो बाल अधिकारों को सुनिश्चित करते हैंl

इस सूची में 156वां स्थान मिला है ब्रिटेन कोl अध्ययन के मुताबिक ब्रिटेन बाल अधिकारों को लागू करने के मामले में काफी पिछड़ा हुआ देश हैl जर्मनी की रैंकिंग पर संतोष जाहिर किया जा सकता हैl इसका सूची में 18वां स्थान हैl हालांकि साल 2016 की सूची में जर्मनी 12वें स्थान पर थाl

अध्ययन में देशों की प्रतिबद्धता को न सिर्फ ठोस आधार पर बल्कि भावी संभावनाओं के आधार पर भी मापा गया हैl यही कारण है कि थाईलैंड और ट्यूनिशिया टॉप-10 देशों की सूची में शामिल हैंl

इसे शेयर जरूर करें