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भारतीय गणतंत्र दिवस से जुड़ी बहुत ही महत्वपूर्ण बातें

भारतीय गणतंत्र दिवस
भारतीय गणतंत्र दिवस

भारतीय गणतंत्र दिवस
भारतीय गणतंत्र दिवस

भारतीय गणतंत्र दिवस से जुड़ी बहुत ही महत्वपूर्ण बातें
तैरना है तो समंदर में तैरो नदी नालों में क्या रखा है, प्यार करना है तो वतन से करोl इस बेवफ़ा लोगों में क्या रखा हैl
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं.

दोस्तों जब हमारा देश 15 अगस्त 1947 के पहले अंग्रेजो के अधीन में था, तो देश के लाखों लोग भारत को आजाद कराने के लिए कुर्बान हो गए थे, लाखों लोग अंग्रेजो की क्रूरता का शिकार हुए और फिर एक वक्त आया जहां समाज का हर तबका अपने देश की आजादी के लिए जंग लड़ने के लिए आगे आया और अंत में अंग्रेजों को हमारा देश छोड़ना ही पड़ाl आजादी के बाद देश को चलाने के लिए डॉ भीमराव अम्बेडकर के नेतृत्व में हमारे देश का संविधान लिखा गया, जिसे लिखने में पूरे 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे थेl हमारा संविधान 26 जनवरी 1950 को हमारे देश में लागू हुआ, फिर इसी उपलक्ष्य में हमसब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने लगेl और 2017 में 68वां गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया गयाl और आने वाले कुछ ही दिनों में 69वां गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जायेगाl 26 जनबरी 2018 कोl
भारतीय गणतंत्र दिवस से जुड़ी बहुत ही महत्वपूर्ण बातें


आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण बातें:-
26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया l गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 को दिल्ली के राजपथ पर हुई थी l भारतीय संविधान की दो प्रत्तियां जो हिन्दी और अंग्रेजी में हाथ से लिखी गई l पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था l भारतीय संविधान की हाथ से लिखी मूल प्रतियां संसद भवन के पुस्तकालय में सुरक्षित रखी हुई हैं l भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमेंट हाऊस में 26 जनवरी 1950 को शपथ ली थी l गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है l 29 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है जिसमें भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बैंड हिस्सा लेते हैं. यह दिन गणतंत्र दिवस के समारोह के समापन के रूप में मनाया जाता l गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री अमर ज्योति पर शहीदों को श्रद्धाजंलि देते हैं, जिन्होंने देश के आजादी में बलिदान दिया l परेड में विभिन्न राज्यों की प्रदर्शनी भी होती हैं, प्रदर्शनी में हर राज्य के लोगों की विशेषता, उनके लोक गीत व कला का दृश्यचित्र प्रस्तुत किया जाता है. हर प्रदर्शिनी भारत की विविधता व सांस्कृतिक समृद्धि प्रदर्शित करती हैl
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23 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले को भी 14 साल पूरे हो जायेंगे, जिसकी वजह से देश के हर आम आदमी को तिरंगा फहराने का अधिकार प्राप्त हुआ था। इस अधिकार की लड़ाई पूर्व सांसद व इंडस्ट्रलिस्ट नवनीन जिंदल ने लड़ी। राष्ट्रीय ध्वज के लिए नवीन जिंदल का जुनून संयुक्त राज्य अमेरिका में टेक्सास विश्वविद्यालय में अपने छात्र जीवन के दौरान शुरू हुआ।
नवीन जिंदल को यह बात अखर गई। उन्होंने खुद और भारत के नागरिकों को अपने राष्ट्र ध्वज को निजी तौर पर फहराने के अधिकार को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सात साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 23 जनवरी 2004 को फैसला सुनाया कि राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराना हर व्यक्ति का अधिकार है। फिर फ्लैग कोड में हुआ संशोधन l इस फैसले के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फ्लैग कोड में संशोधन किया था। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को आदेश दिया की वह इस विषय को गंभीरता से ले और “फ्लैग कोड” में संशोधन भी करे। इससे पूर्व स्वाधीनता दिवस और गणतंत्र दिवस के अलावा किसी भी दिन भारत के नागरिकों को अपना राष्ट्रध्वज फहराने का अधिकार नहीं था, खासकर अपने घरों या कार्यालयों में। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भारत सरकार ने फ्लैग कोड में संशोधन कर भारत के सभी नागरिकों को किसी भी दिन राष्ट्र ध्वज को फहराने का अधिकार दिया। बशर्ते, इस राष्ट्र ध्वज को फहराने के क्रम में “राष्ट्र ध्वज की प्रतिष्ठा,गरिमा बरक़रार रहे और किसी भी स्थिति में इसका अपमान ना होने पाए।फिर स्थापित की फ्लैग फाउंडेशन l सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रेरणा पाते हुए नवीन जिंदल ने ‘फ्लैग फाउंडेशन आफ इंडिया’ की स्थापना की जिसके माध्यम से वह देश के प्रत्येक नागरिक को तिरंगे के साथ जोड़ना और भारतीयों के बीच तिरंगे के प्रदर्शन को लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया। जिंदल ने अपने सपने को पूरा करते हुए देश का सबसे उंचा तिरंगा फहराने की भी हसरत पूरी की और हिसार व कुरुक्षेत्र में देश के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज को फहराया है। 1992 में भारत वापस आने के बाद, नवीन ने अपने कारखाने में हर दिन तिरंगा फहराना शुरू कर दिया। उन्हें जिला प्रशासन ने ऐसा करने मना किया और दण्डित करने की चेतावनी भी दी गई।
भारतीय गणतंत्र दिवस से जुड़ी बहुत ही महत्वपूर्ण बातें

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