महिला सुरक्षा ! indian women’s security systems

Indian Women’s Security Systems

भारत की कुछ रिपोर्ट भूक सूचकांक

indian women’s security systems is very bad !भारत महिला सुरक्षा में देशों की अस्थीती बहुत ही खराब है एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भूख एक ‘गंभीर’ समस्या है और 119 देशों के वैश्विक भूख सूचकांक में भारत 100वें पायदान पर है. भारत उत्तर कोरिया और बांग्लादेश जैसे देशों से पीछे है लेकिन पाकिस्तान से आगे है. इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बच्चों में कुपोषण की उच्च दर से देश में भूख का स्तर इतना गंभीर है और सामाजिक क्षेत्र को इसके प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दिखाने की जरूरत है.पिछले वर्ष भारत इस सूचकांक में 97वें स्थान पर था.

इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई):- दुनिया के 119 विकासशील देशों में भूख के मामले में भारत 100वें स्थान पर है. इससे पहले बीते साल भारत 97वें स्थान पर थाl

रिपोर्ट के मुताबिक चीन(29वें), नेपाल(72वें), म्यांमार(77वें), श्रीलंका(84वें) और बांग्लादेश(88वें) स्थान पर रहे.

“स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रीशन इन द वर्ल्ड, 2017” में बताया गया है कि कुपोषित लोगों की संख्या 2015 में करीब 78 करोड़ थी तो 2016 में यह बढ़कर साढ़े 81 करोड़ हो गयी है. हालांकि सन 2000 के 90 करोड़ के आंकड़े से यह अभी कम है.

एशिया महाद्वीप में भुखमरी सबसे ज्यादा है और उसके बाद अफ्रीका और लातिन अमेरिका का नंबर आता है.

दुनिया के कुपोषितों में से 19 करोड़ कुपोषित लोग भारत में हैं.

भारत में पांच साल से कम उम्र के 38 प्रतिशत बच्चे सही पोषण के अभाव में जीने को विवश है. रिपोर्ट की भाषा में ऐसे बच्चों को ‘स्टन्टेड’ कहा गया है.

श्रीलंका और चीन का रिकॉर्ड इस मामले में भारत से बेहतर हैं जहां करीब 15 प्रतिशत और 9 प्रतिशत बच्चे कुपोषण और अवरुद्ध विकास के पीड़ित हैं.

रिपोर्ट बताती है कि युवा उम्र की 51 फीसदी महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं यानी उनमें खून की कमी है.

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